यह ब्लॉग अंतर्मन के मंथन से निकले हुए सुंदर विचारों का एक गुलदस्ता है जो सीधे हमारे हृदय को स्पर्श करते हैं और निरंतर अच्छा करने की प्रेरणा देते हैं|
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अंतर्मन की परतें काफी गहन और विस्तृत है। वस्तुतः जो कुछ भी हमारे जीवन में घटता है उसका निर्माण पहले हमारे अंतः करण में होता है। उस घटना की...
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मुस्कान वास्तव में ऐसा गुण है जो जीवित प्राणियों में भगवान ने केवल मनुष्य में ही डाला है। जब मन उदास हो , हताश हो और हारा हुआ महसूस करता हो...
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मंगलवार, 6 जुलाई 2021
आंतरिक संवाद
बुधवार, 21 अप्रैल 2021
विचारों की संजीदगी
रविवार, 15 नवंबर 2020
स्व संवाद
अधिकांश
मनोवैज्ञानिक समस्याओं की जड़ हमारे मन के अंदर होती है। जब भी किसी मानसिक रूप से
परेशान व्यक्ति को देखते हैं तो यहां यह पाते हैं कि उसकी समस्याओं की जड़ तो उसके
अंदर ही है। आज का युग मानसिक समस्याओं का युग है और आज के युग की सबसे बड़ी
बीमारी है अवसाद, तनाव क्योंकि आज इंसान अकेला है एवं साधन संपन्न होते हुए भी अपने
अहम के कारण एक घर में रहते हुए भी अपनों से कटा हुआ है।
समस्याओं का प्रकार इस बात पर भी निर्भर करता है
कि हमारा स्वयं से संवाद कैसा है। आज अगर कुछ बिगड़ा हुआ है तो वह हमारा स्वयं से
संवाद ही है। हम स्वयं से किस भाषा में बात करते हैं उससे हमारेे पूरेे व्यक्तित्व
का निर्माण होता है और उसी से हमारे रिश्तो का भी बनना बिगड़ना होता है। अगर एक
सकारात्मक पहल करनी है तो सबसे पहले रोज स्वयं से सकारात्मक संवाद करने की आदत
डालनी होगी।
ख़ुशी की खुराक
आज का समय जैसे बड़ा ही निराशाजनक समय है जब लोग अपने घरों में बंद है एवं एक दूसरे से ना तो संपर्क कर पा रहे हैं और ना ही एक साधारण जीवन जी पा...
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