यह ब्लॉग अंतर्मन के मंथन से निकले हुए सुंदर विचारों का एक गुलदस्ता है जो सीधे हमारे हृदय को स्पर्श करते हैं और निरंतर अच्छा करने की प्रेरणा देते हैं|
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अक्सर संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है एक दूसरे को गहराई से समझना एवं भावनात्मक संबल देना। सबसे शक्तिशाली से शक्तिशाली व्यक्ति भी ...
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मीठे बोल का महत्व कौन नहीं जानता ? बिगड़ते हुए कार्य प्रेम मिश्रित बोलो से बन जाते हैं , परिवार में पड़ी दरारें भावना के साथ बोले गए मीठे ...
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अच्छे लोगों की संगत जीवन में एक ऐसा चुनाव होता है जो जीवन को सुंदर भी बना सकता है एवं बिगाड़ भी सकता है। जीवन में जिन्हें सफलता के नए आयामो...
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आज का समय सुविधा और साधनों का है । आज से पहले तक मनुष्य के पास इतनी सुविधाएं कभी भी नहीं थी किंतु आज से पहले मानसिक तनाव भी इतना कभी नही...
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सरल हृदय की सुंदरता की कई मिसाले दी गई हैं। सरल हृदय जैसे एक हीरे के समान है जो सदा प्रकाशमान होता है।सरलता का अपना एक चुंबकीय क्षेत्र होता ...
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कहावत है परिश्रमी पर लक्ष्मी सदैव प्रसन्न रहती हैं। यह कहावत उन पर बिल्कुल सटीक बैठती है जो अपने कर्मों से अपने भाग्य की लकीरों को बदल देते ...
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हमारे जीवन का अधिकतर समय दूसरों के साथ संपर्क साधने में एवं उनसे लोक व्यवहार करने में जाता है। दिनभर की गतिविधियों में भी हम अधिक से अधिक सम...
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जब भी साहस के धनी एवं अभूतपूर्व कार्य करने वालों की चर्चा होती है तो उन लोगों का नाम जबान पर आता है जिन्होंने मुश्किलों से हार कर कभी पीछे म...
रविवार, 20 सितंबर 2020
वाणी की शक्ति
संकल्प की ऊर्जा
बड़प्पन की गरिमा
शुक्रवार, 18 सितंबर 2020
संकल्प - जीवन का आधार
सम्मान
प्रशंसा की शक्ति
प्रशंसा एक दो धारी तलवार की तरह होती है। इसका स्वाद जो ना चखे वह उसके लिए तरसता है किंतु जो उसे चख लेता है वह अति उत्साहित होकर खुशी में आत्ममुग्ध सा हो जाता है। पुरानी कहावतो में कहा भी गया है कि अपने निंदक को हमेशा अपने पास रखना चाहिए क्योंकि वह हमें सदा अपनी बुराइयों से परिचित कराता रहता है एवं आत्ममुग्ध होने से बचाता है।
बड़े-बड़े महात्मा और महापुरुष भी काल के चक्र में पड़कर किसी समय विशेष पर प्रशंसा पाकर अभिमानी हो गए और अपने गुणों की तिलांजलि दे दी।प्रशंसा पाकर अक्सर बड़े-बड़े प्रभावशाली व्यक्तित्व के महापुरुष भी चाटूकारों के प्रभाव में आ जाते हैं एवं सच्चे मित्रों को खो देते हैं| अतः यह सत्य है कि प्रशंसा पाने में तो बड़ी अच्छी लगती है किंतु उसका भार उठाना अच्छे अच्छों को भारी पड़ता है।
गुरुवार, 17 सितंबर 2020
लक्ष्य की महानता
ख़ुशी की खुराक
आज का समय जैसे बड़ा ही निराशाजनक समय है जब लोग अपने घरों में बंद है एवं एक दूसरे से ना तो संपर्क कर पा रहे हैं और ना ही एक साधारण जीवन जी पा...
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